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छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन पर कैग की रिपोर्ट, 33 प्रतिशत नल कनेक्शन बंद, किसी भी जिले में शत-प्रतिशत काम नहीं

15 Jul 2026  

छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन पर कैग की रिपोर्ट, 33 प्रतिशत नल कनेक्शन बंद, किसी भी जिले में शत-प्रतिशत काम नहीं

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भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) ने छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन (JJM) के क्रियान्वयन को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कई गंभीर कमियां सामने आई हैं। वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा विधानसभा में पेश की गई इस 'प्रदर्शन ऑडिट' रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में लगाए गए कुल नल कनेक्शनों में से 33 प्रतिशत वर्तमान में पूरी तरह बंद हैं। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि प्रदेश के 19,656 गांवों में से केवल 716 गांवों को ही धरातल पर 'हर घर जल' प्रमाणित पाया गया है, जबकि कई जगहों पर सिर्फ कागजों में ही पानी टंकियां बांट दी गईं। 

कमजोर योजना और खराब क्रियान्वयन से संकट 

ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में स्वीकृत की गई 70 मल्टी-विलेज स्कीमों में से एक भी योजना पूरी नहीं हो सकी है। लोंग टर्म स्थिरता पर मंडरा रहे इस खतरे के लिए कमजोर योजना, खराब क्रियान्वयन, मॉनिटरिंग की कमी और गलत रिपोर्टिंग को जिम्मेदार ठहराया गया है। मार्च 2025 तक स्वीकृत 70 मल्टी-विलेज स्कीमों के अधूरे रहने से करीब 9.85 लाख ग्रामीण घरों तक सतही जल स्रोतों से शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य सीधे तौर पर प्रभावित हुआ है। इसके अलावा 29,153 सिंगल विलेज स्कीमों में से मार्च 2024 तक महज 172 योजनाएं ही पूरी हो सकीं, जिनमें से सिर्फ 32 ग्राम पंचायतों को सौंपी गईं। 

किसी भी जिले में शत-प्रतिशत काम नहीं
आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2024 तक छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों और 146 विकासखंडों में से एक में भी 100 प्रतिशत नल जल कवरेज हासिल नहीं किया जा सका। पूरे प्रदेश में धमतरी जिला 98 फीसदी कवरेज के साथ सबसे आगे रहा, जबकि बलौदाबाजार में 76 प्रतिशत कवरेज दर्ज किया गया। बाकी बचे 15 जिलों में यह आंकड़ा महज 56 से 74 प्रतिशत के बीच ही सिमट कर रह गया। 

लक्ष्य से चूका विभाग, ये रहे बंद होने के कारण 

मिशन के तहत मार्च 2025 तक 50 लाख ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था, जिसके मुकाबले जनवरी 2025 तक 40.10 लाख फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) लगाए गए। हालांकि, इनमें से 13.31 लाख (करीब 33 फीसदी) कनेक्शन गैर-कार्यशील या बंद पाए गए। रिपोर्ट में इसके मुख्य कारण जल स्रोतों का सूखना, अधूरी ओवरहेड टंकियां, बिजली कनेक्शन का न होना और सोलर पंपों का न लगाया जाना बताया गया है। इस रिपोर्ट को लेकर वर्तमान राज्य सरकार ने पिछली कांग्रेस सरकार को कटघरे में खड़ा किया है, वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव का कहना है कि भाजपा सरकार आने के बाद से मिशन के कार्यों में तेजी लाई गई है।
 

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